संस्कृतभारती - हरियाणा + पञ्जाब

हरियाणा की धरती तो कुरुक्षेत्र में कही गयी गीता के कारण प्रसिद्ध है ही | इसी राज्य में शिवालिक पर्वत से सरस्वती नदी निकालती है | उसी के किनारे वैदिक सभ्यता पनपी | हमारे पूर्वजोंको वेदोंके दर्शन हुए | इसीलिये हमारी सभ्यता सरस्वती घाटी सभ्यता है और सरस्वती को हम ज्ञान की देवी मानते है | वेद और गीता का जहां साक्षात्कार हुआ उस धरती पर संस्कृत का होना अनिवार्य है | हरियाणा संस्कृतभारती का केंद्र भी कुरुक्षेत्र है | हरियाणा में नया संस्कृत विश्वविद्यालय भी साकार हो रहा है | इसलिए सबको पहले संस्कृत बोलना सीखना चाहिए | उसके बाद लिखना | फिर विश्वविद्यालय में औपचारिक शिक्षा लेनी चाहिए | संस्कृत सीखने के लिए साथ में दिए सूची में से किसी से भी संपर्क कर सकते है |

Sambhashan Shibir
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